3 Motivational Stories For Success In Hindi- सफलता के लिए 3 प्रेरक कहानियाँ हिंदी में

Motivational Success Story In Hindi- Hello Friends, हम सबको अपने जिवन मे अपने-अपने goal होते हैं ओर हम सबको उस target को प्राप्त करने की इच्छा होती है। कोई भी goal या target को प्राप्त करने केलिये ये 3 बाबत का बहोत बडा भाग होता है 1. विचार 2. एकाग्रता 3. महेनत। आज मे इन्हीं 3 बाबत को ध्यान मे रखते हुये Motivational Stories For Success In Hindi मे बताने जा रहा हूँ। अगर सचमे Success प्राप्त करने केलिये Motivat होना चाहते हैं तो इस article को पुरा पढ़े। और हम इस 3 कहानियो के audio भी प्रदान कर रहे हैं, जिसे आपका समय भी बचे।

3 Motivational Stories For Success In Hindi-  सफलता के लिए 3 प्रेरक कहानियाँ हिंदी में

Motivational Stories For Success In Hindi

1st Motivational Story For Success In Hindi- मालिक बनना है, तो मालिक की तरह सोचो


मालिक बनना है, तो मालिक की तरह सोचो Audio में:
किसीने बड़े कमाल की बात कही है कि "अगर आप अपना वक्त बदलना चाहते हैं, तो वक्त को जरा सा वक्त दीजिए"।

एक छोटी सी Motivational Story For Success In Hindi में। एक बार दो बन्दे अलग-अलग गांव से आकर के शहर में रह रहे थे। वहा उनकी दोस्ती हो गई। दोनों ने रूम ले लिया, Competitive Exam की तैयारी कर रहे थे। दोनों कोचिंग जाया करते थे। पैदल-पैदल जाते थे। संघर्ष के दिन बीता रहे थे। उन्हें लग रहा था कि इनकी लाइफ का कुछ हो नहीं सकता लेकिन पढ़ाई जी लगाकर कर रहे थे, मन लगकर के कर रहे थे।

जब दोनो का रिजल्ट आया तो दोनों का selection हो गया। दोनों अलग-अलग जिलों में नौकरी करने लगे। सरकारी नौकरी लग गई। 15 साल के बाद में मालूम नहीं कैसे इत्फ़ाक से दोनों ने एक ही वक्त पर अलग-अलग जगहों पर सोचा कि नौकरी छोड़ कर के कुछ अलग किया जाए।

पहले वाले दोस्त Start Up शुरू किया। धीरे-धीरे उसका Start Up बढ़ने लगा, कंपनी बढ़ने लगी। दूसरा वाला जो था वह प्राइवेट कंपनी मे interview देने लगा। उसे लगा था कि "शायद उसके लिए कॉरपोरेट की दुनिया बनी है, उसे वहां जाकर के नौकरी करनी चाहिए"। उसका इंटरव्यू में सिलेक्शन हो नहीं पा रहा था।

एक दिन ऐसे ही बैठा हुआ था। उसने अखबार में देखा तो एक विज्ञापन छपा हुआ था। उस विज्ञापन में उसने दिखा कि जो उसके दोस्त की फोटो छपी थी, वहा मैनेजिंग डायरेक्टर लिखा था और कंपनी का नाम था। वह बड़ा खुश हुवा की उसके दोस्त कंपनी खुल गई है। फिर उसे लगा की "क्यों ना? दोस्त के पास जाया जाए, जाकर के नौकरी केलिये apply किया जाए"।

उसकी कंपनी में पहुंचा। चौकीदार ने कहा की" साहब, बहुत व्यस्त रहते हैं। आपसे शायद ही मिल पाए"। तभी किस्मत से वो दोष वहासे निकल रहा था उसने पहचान लिया और उसने कहा की "भाई क्या हाल है? बहुत दिनों बाद दिखे"। उसने बताया कि "बस ठीक हूं, मैंने भी नौकरी छोड़ दी है तुम्हारा मालूम चला तुमने कंपनी खोली है क्या मैं तुम्हारी कंपनी में जॉब पा सकता हूं?"। उसने कहा की "जरूर तुमारे लिये तो पूरी कपंनी खुली है, तुम आओ तुम्हें जिस पद पर काम करना है तुम काम करो"।

इसने उस दोस्त की कंपनी में काम करना शुरू कर दिया सब कुछ ठीक चल रहा था। फिर से दोस्ती होने लगी, साथ साथ घूमने लगे। एक दिन शाम में घूम रहे थे और इसने बात छेड़ी है। जो लड़का वहा पर नौकरी कर रहा था इसने बात छेड़ी कि "मेरे भाई बात बताओ, दोनों ने पढ़ाई की, दोनों का intelligence समान है, दोनों ने Competitive Exam पास करे है, दोनो का सिलेक्शन हो गया, लेकिन आज तुम्हारी कंपनी है और मैं तुम्हारी कंपनी में नौकरी कर रहा हूं।ऐसा क्यों?"

उस लड़के ने कहा कि "याद है? हम दोनों जब साथ में पैदल पैदल कोचिंग के लिए जाया करते थे। तभी हम एक दिन पंखा बंध करना भुल गये थे। तब मेने तुमको बोला था की चलो वापस चलते हैं पंखा बंध करके आते है फिर कोइचींग जायेगे"। तब तुमने कहा था की "मकान मालिक का पंखा है चलने दो चल रहा है तो बिजली जा रही है तो उसकी जा रही हैं"। लेकिन उस दिन मैं वापस गया था। पंखा बंध करके फिर कोचिंग आया था और तुम सीधे कोचिंग चले गए थे।

उस दिन भी तुम नौकर की तरह सोच रहे थे। उस दिन भी मैं मालिक की तरह सोच रहा था। सोच सारा फर्क का है "मालिक बनना है तो मालिक की तरह सोचो"।

2nd Motivational Story For Success In Hindi-मन की एकाग्रता हो तो एक फकीर या साधु जेसी


मन की एकाग्रता हो तो एक फकीर या साधु जेसी Audio में:
किसी ने बड़े कमाल की बात कही है कि "हौसले के तरकश में वह कोशिश का तीर जिंदा रखो, हार जावो चाहे जिंदगी में सब कुछ फिर से जीतने की उमीद जिन्दा रखो"।

एक छोटी सी Motivate Story for success In hindi मे। ये कहानी सिखाएगी की किसी भी काम में चाहे वह पढ़ाई हो, career है, goal हो, या target है, किसी भी काम में आप अपनी एकाग्रता किस तरीके से ला सकते हैं।

ये कहानी एक फकीर बाबा की है। इस बाबा के बारे में कहा जाता था की वो किसी बात को बड़ी दिलचस्प तरीके से समझाते थे और जिस को समझाते थे उसको बात हमेशा हमेशा के लिए याद हो जाती थी।

उनके बारे में ये बात धीरे-धीरे बढ़ने लगी ओर ये बात बढ़ते-बढ़ते उस राज्य के राजा के पास पोह्ची। तो राजा को लगा की इतने महान बाबा है की जिन के बारे मे इतने सारे चर्चे है। तो क्यू ना? जा कर करे उनसे मुलाकत की जाये।

राजा के महामंत्री को बोलाया ओर बोला की "सारी सेना को तैयार कर दो, ढोल नगाड़ों के साथ में शानदार तरीके से हम जाएंगे बाबाजी का सम्मान करेंगे और थोडा सा ज्ञान ले करके वापस आएंगे"। महामंत्री ने कहा की "थिक है, आप जो कहेगे वो हो जाएगा"। एक दिन तय किया गया।

उस दिन सारी सेना के साथ में राजा निकल गये ओर पहुंचे उन फकीर बाबा के आश्रम के बाहर। वाहा जा कर के राजा देखते है की उस दरवाजे से ही वो फकीर बाबा दिख रहे थे। वो बगीचे मे गढ़ा खोद रहे थे। राजा को लगा की "ये केसा बाबा हैं, इतना महान बाबा हैं फिर भी गढ़ा खोद रहा है"। वो सोचने के बाद राजा ने अपने महामंत्री को बुलाकर के कहा की "अपने कूच सैनिक को भेजो ओर बाबा को बतावो की हमारे राज्य के राजा आपसे मिलने केलिये आये है"।

राजा को इसा लग रहा था की वो फकिर खुशी से पागल हौ जायेगा, उनहे लगेगा की राजा मुजसे मिलने केलिये आये हैं। लेकिन ऐसा कुच नही हुवा। सैनिक जा करके उन्हें मिले ओर कहा की राजासाब आपसे मिलने किलिए आये हैं। लेकिन बाबा के कानो मे कोई असर ही नही पडा। फिर सैनिक वापस आये ओर आकर के महामंत्री को बताया की वो तो ध्यान ही नही दे रहे। मंत्री ने आकर के राजा को बताया ओर राजा को बडा भूरा लगा।

राजा को लगा की मेर अपमान हो गया। मेरी सेना के सामने ये बाबा मेर आपमान कर रहा है। मे यहा ज्ञान लेने केलिये आया था पर मुजे अपमान मिल रहा है। राजा अब इंतजार करने लगा की बाबा फ़्री हो तो एक बार मिल कर तो देखे इतनी दूर तक आचुके है। लेकिन बाबाजी अपना काम किये जा रहे थे।

राजा को ये सब देख कर बडा अजीबसा लगा फिर राजा ने कहा की "सब धौल-नगाड़े बजना शुरु करो, क्या पता सोर मचेगा तो इस बाबा को थोडी अकल आयेगी"। उनहे लगा की ये बाबा कोई फकीर-बकीर नही है ये तो पगाल आदमी है। कुच देर के बाद ये धौल-नगाड़े भी शांत हो गये।

थोडी देर के बाद ये बाबाजी आपना काम कर के खुद से राजा को मिलने केलिये आ गये। आकर के राजा को नमस्कार किया ओर बोले की महाराज आपका स्वागत है, आश्रम मे आई ये आपको सीतल जल पिलाते हैं।

राजा भडक गया ओर राजा बोला की "क्या पानी की बात कर रहे हो, में तो आपका इत्जार कर रहा हु। आपने मुजे इत्जार करवा रहे हैं। मे यहा पे ज्ञान लेने आया था ज्ञान तो छोडो, अपने तो मेरा अपमान कर दिया ओर आप इतना छोटा सा तो काम कर रहे थे"। फकीर बाबा ने बोला की "बेटा, कोनसा काम बडा है कोनसा काम छोटा है वो तो उपर वाला जाने, में तो हर काम को बहोत बड़ा मानता हूं ओर रही बात ज्ञान की तो मे आपको पहले ही दे चुका हूँ"।

अब राजा के मन मे एक जिज्ञासा जागी की ये ज्ञान कहा दिया? अभी तो बात भी नही हुई। अब तो हमारी बात अभी शुरु हूई है और बाबाजी कह रहे हैं की ज्ञान मे पहले ही दे चुका हू तो इन्होने मुजे किस तरीके से मुजे ज्ञान दिया ये जान ने केलिये राजा के मन मे बहोत सारे सवाल उठने लगे।

राजा अब शांत हो कर के बाबाजी को पुछने लगे की "आप तो गाढ़ा खोद रहे थे, आप से मेरी बात नहीं हूई मैं आपका इंतजार कर रहा था। आश्रम के बाहर खड़ा था और आपके कहे रहे हैं की आपने मुझे ज्ञान दे दिया कैसे ज्ञान अपने मुजे दिया?"

फकीर बाबा ने जवाब दिया की "बेटा, मे जब गढ़ा खोद रहा था इसा तुमे लग रहा था की मे गढ़ा खोद रहा हूँ पर एसा नही था मे गढ़ा नही खोद रहा था मगर मे गढ़ा खोदने की क्रिया है वो बन गया था। मे वहां पर काम करने वाला नहीं था वह खुद जो क्रिया थी वो अपने आप चलती जा रही थी। मे इतना तल्लीन हो चुका था की मुझे तुम्हारे किसी भी सैनिक की आवाज नहीं आयी, किसी ढोल नगाड़े की आवाज नही आयी मे तो बस अपना काम किये जा रहा था। और जब तक वो काम पुरा हुवा तब मुजे तुम नजर मे आये, तुम्हारा ध्यान मे आया और मे तुमसे मिलने के लिए आया"।

उस दिन फकीर बाबा ने उस राजा को बहोत बडी बात सिखायी की एकाग्रता क्या चीज होती है। काई सारे लोग काई सारे target बनाते है, काई सारे goal बनाते है। वो लोग सोच ते हैं की वो अपने target प्राप्त कर लेगे पर वो प्राप्त नही कर पाते। क्यू की वो काम करने वाले होते हो पर वो क्रिया नही होते हैं।आपकी एकाग्रता वहां पर नहीं होता है।

जो भी आप करना चाहे पूरे मन के साथ कीजिए वो चीज आपके पास अपने आप चली आयेगी और रही बात उस काम को करने की तो बस काम करने से पहले सोचेगा कि क्या आपको उस काम में मजा आ रहा है यार नही।

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3rd Motivational Story For Success In Hindi-Success का एक ही Shortcut हैं "महेनत"


Success का एक ही Shortcut हैं "महेनत" Audio में:
किसी ने बड़ी कमाल की बात कही है कि "घमंड न करना जिंदगी में तकदीर बदलती रहती है, शीशा वही रहता है तस्वीर बदलती रहती है"

एक छोटी सी Motivational Story For Success In Hindi मे। एक बार एक गांव में एक बंदा आया और उसने आकर के गांव वालों को एक प्रस्ताव रखा। उनके गांव में बहोत सारे बंदर थे। उसने गांव वालों को इकट्ठा किया और कहा कि "आप लोगों के लिए एक नया प्रस्ताव ले कर के आया हूं। आपने बस काम करना है, आप जाइए और गांव में जितने सारे बंदर है पकड़ कर के लाईये। हर बंदर पर आपको ₹100 मिलेंगे"।

गांव वाले खेती-बाड़ी में लगे हुए थे। लेकिन जब उन्होंने ये प्रस्ताव के बारे में सुना तो बंदर पकड़ने काम में लग गए। गांव वाले रोजाना जाते बंदर पकड़ कर के लाते। कोई 10 बंदर पकड़ लेता, कोई 12 पकड़ लेता तो कोई 15 पकड़ लेता। कुल मिलाकर के उनके बिजनेस चल निकला। लोग बंदर पकड़कर लाते वो बंदा उन्हे ₹100 देता। पिंजरे में बंदर को बंद कर लेता।

गांव वालों ने कभी पूछने की कोशिश नहीं करी की आप इस बंदरो का क्या करोगे। उसके बाद हुआ यह कि गांव में बंदर धीरे-धीरे खत्म होने लगे, कम पड़ने लगे। अब इस बंदे को भी लगा कि अब तो चक्कर पड़ गया। गांव वाले इस काम को नहीं कर रहे। कुछ गांव वालों ने तो काम ही छोड़ दिया। खेती-बाड़ी में लगे।

अब इस बंदे ने नया प्रस्ताव गांव वालों के सामने रखा कि अबकी बार अगर आप बंदर पकड़कर के लाएंगे तो आपको ₹200 दिए जाएंगे। गांव वाले गांव के थोड़े बाहर जाने लगे। बंदर पकड़कर के लाने लगे। कुछ गांव वाले थे। काम छोड़ चुके थे और कुछ गांव वाले इस काम में लगे थे। ₹200 को मिलते गए ये वह बंदर पकड़कर के लाते रहे, लाते रहे। आस-पास के गांव से भी इन्होंने बंदर खत्म कर दिया।

अब ये बंदा आया और इसने कहा कि अब आपको जो बंदर पकड़कर के लायेगा उसको मैं ₹500 दूंगा। गांव के सारे लोगों ने मीटिंग करी और तय किया कि क्या किया जाए? यह बंदा तो पेसे बढ़ाते जा रहा है लेकिन बंदर तो है ही नहीं हम कहां से पकड़ कर के लाएंगे हम जंगल में थोडी ना जाएंगे। अब गांवालोने तय किया की अब हम इस काम को छोड़ देते सारे के सारे खेती-बाड़ी करेंगे, अपने काम में लग जाएंगे। जो काम कर रहे थे, उसी में पैसा में मिलेगा।

अब इस बंदे के लिए ये चिंता का विषय था, क्यू की गांव वाले तो बंदर पकड़ने का काम बंद कर चुके हैं। यह कुछ समय के लिए गांव से शहर चला गया गांव वाले अपने-अपने काम में लगे, खेतीबाड़ी करते रहे। 1 दिन फिर से यह बंदा आया और अपने साथ में एक मैनेजर को लेकर के आया। आकर इस ने गांव वालों को फिर से एख्टा किया और कहा कि अबकी बार आपकी नया प्रसताव ले कर के आया हूं।

आप अगर बंदर पकड़कर के लाएंगे तो आप को ₹1000 हम देंगे। गांववालो ने सोचा कि बंदा पागल बना रहा है, फालतू की बातें है, कुछ मतलब नहीं अपनी खेती बाड़ी करो। गांव के मुखिया ने गांव वालों को समझाया लेकिन कुछ गांव वाले थे जो कह रहे थे कि नहीं साहब के बात में दम है। ₹1000 मिलने वाले है। जो बंदा था वो रात में उस मैनेजर को छोड़ करके चला गया।

उसके बाद इस मैनेजर ने फिर से गांव वालों की मीटिंग की और गांव वालों से कहा कि देखो हमारे साब तो चले गए अब गांव में बंदर नहीं है, मुझे भी पता है। आसपास के गांव में भी नहीं है हमें पता है। अभी काम करते हैं जो पिंजरे में बंदर हमारे बंद है उनको आप ₹500 में खरीद लो और हम आपको ₹1000 देंगे। गाव वालोंने पूरी रात सोचा मीटिंग करी विचार-विमर्श किया कि क्या किया जाए क्या हम इस चक्कर में पड़े या नही? लेकिन कुछ गांव वालों ने कहा कि नहीं अब की बार हम विश्वास कर लेते हैं।

सारे गांव वालों ने जितना खेती-बाड़ी का पैसा एख्टा हुआ था सारा का सारा पैसा इस मैनेजर को दे दिया। बंदर पिंजरे से निकले ₹500-₹500 इन्होंने दे दिया और वह मैनेजर रात में फिर से शहर लिया गया। अब इस गांव में सिर्फ बंदर ही बंदर है और कुछ लोग हैं जिनके पास पैसा नहीं है।

एक छोटी सी मजेदार कहानी बहुत बड़ी बात सिखाती है की जिंदगी में कभी भी success का कोई shortcut नहीं होता। हम में से कई सारे लोग एसे प्रस्ताव के चक्कर में, दोस्तों के चक्कर में अपने भविष्य को बर्बाद कर लेते हैं। इसलिए याद रखिए सिर्फ कड़ी महेनत ही आपकी success का shortcut है, इसके अलावा कुछ नहीं।

कर दिखाओ कुछ ऐसा कि दुनिया करना चाहे आपके जैसा

समीक्षा:

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